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Preserving Culture & our Indigenous Identity with changing times in Arunachal

Start Date: 31-10-2022
End Date: 31-01-2023

In order to retain the knowledge and insights of the past, it is imperative for the current and all future generations to preserve the rich culture and history adhering to a ...

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Preserving Culture & our Indigenous Identity with changing times in Arunachal

In order to retain the knowledge and insights of the past, it is imperative for the current and all future generations to preserve the rich culture and history adhering to a region. As the largest Northeastern state in India, Arunachal Pradesh presents a diverse and widespread amalgamation of indigenous culture and history of the many tribes that call it home. The region has been predominantly inhabited by indigenous people since time immemorial, having a distinct history, food, traditions, dialect, custom, culture, and heritage.

The lifestyles of the indigenous communities residing in Arunachal are simplistic and sustainable. Their practice of worshiping nature as supreme and believing that it is the ultimate giver implies the importance of nature and its impact on the community. And because of the immense traditional values it holds, they strive and swear to protect nature and its resources.

Understanding of traditional knowledge and methods is possible through preservation of culture, which is then passed down from generation to generation through stories, dances, poems, music, carvings, paintings, and renditions. Sharing inventions and practices developed over the centuries among indigenous societies require a profound understanding of the past; that have been carefully preserved till now.

At the same time, the region is catching up with changing technologies and advancements - an evolutionary trend that can potentially fade away past culture and traditional values, in the absence of carefully implemented preservation techniques.

Government of Arunachal Pradesh, through the MyGov Arunachal platform, invites ideas suggesting effective methods of cultural preservation in the state of Arunachal with changing times and advancement.

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87 Record(s) Found
1582180

BrahmDevYadav 1 week 6 days ago

At the present Scenario, Government of Arunachal Pradesh should develop the small scale Handicraft industry in the rural areas for improving the economic condition of the local people as well as preserving the culture of various communities. Thanks

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BrahmDevYadav 1 week 6 days ago

इस प्रकार बेंत तथा बांस का कार्य अरुणाचल प्रदेश में प्रमुख कुटीर उद्योग का हिस्सा हैं। अरुणाचल में कोई आर्थिक आधिक्य नहीं है परंतु श्रम के सावधानीपूर्वक विभाजन के कारण पुरुषों को काफी आराम का समय मिलता है जिसका उपयोग उत्पादक कार्य में किया जाता है। इसलिए यहाँ का राष्ट्रीय जीवन अत्यधिक उत्पादक है और कलात्मक रूप से सुविकसित है।

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BrahmDevYadav 1 week 6 days ago

यहाँ बेंत की विभिन्न बुनी हुई तथा सादी बेल्ट पाई जाती है, और उत्तरी सुबनसिरी में आदिवासी बेंत तथा रेशे की विस्तृत रूप से बुनी गई चोली भी बनाते हैं। बेंत और बांस पूरी तरह से पुरुषों का शिल्प है और बनाई जाने वाली सर्वाधिक आम वस्तुएँ हैं धान, ईंधन तथा पानी को भंडारित करने और ले जाने के लिए टोकरियाँ, स्थानीय शराब बनाने के लिए पात्र, चावल की प्लेटें, धनुष और तीर, टोपी, चटाई, कंधे पर लटकाने वाले बैग आदि।बांस और घास की सुंदर पट्टियों से बनाए गए आभूषण और हार भी प्रसिद्ध हैं।

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BrahmDevYadav 1 week 6 days ago

अरुणाचल प्रदेश की बांस और बेंत संस्कृति:-
अरुणाचल प्रदेश की एक जीवंत शिल्प परंपरा है और यहाँ की प्रत्येक जनजाति शिल्पकारी में उत्कृष्ट है। बेंत और बांस इस क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण शिल्प है, और यहाँ की कारीगरी बहुत उच्च स्तर की है। बहुत से आदिवासी अपनी स्वयं की टोपियाँ बनाते हैं, जो प्राय: अत्यधिक सजावटी होती हैं, जिन्हें पक्षियों की चोंच तथा पंखों अथवा लाल रंग से रंगे हुए बालों के गुच्छों से सजाया जाता है। ये विभिन्न प्रकार की टोकरियाँ, बैग और अन्य पात्र भी बनाते हैं।

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BrahmDevYadav 1 week 6 days ago

अरुणाचल प्रदेश सबसे अच्छा क्यों है?
अरुणाचल प्रदेश आदिवासी संस्कृतियों, बौद्ध मठों, प्राचीन झीलों, उच्च ऊंचाई वाले पहाड़ों और विचित्र पहाड़ी गांवों की भूमि है ।

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BrahmDevYadav 1 week 6 days ago

अरुणाचल के प्रमुख उद्योग कौन कौन से हैं?
चावल मिल, फल परिरक्षण इकाइयाँ, हस्तशिल्प और हथकरघा आदि यहाँ के अन्य प्रमुख उद्योग हैं।

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BrahmDevYadav 1 week 6 days ago

अरुणाचल के लोग क्या खाते हैं?
चावल अरुणाचल प्रदेश के लोगों का प्रमुख भोजन है। यहां के मूल निवासी एक विशेष स्वाद देने के लिए अपने चावल को गर्म कोयलों के ऊपर रखे हुए एक खोखले बांस में पकाना पसंद करते हैं।

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BrahmDevYadav 1 week 6 days ago

अरुणाचल प्रदेश में कौन सी खेती होती है?
अरुणाचल प्रदेश की मुख्य फ़सलों में चावल, मक्का, बाजरा, गेहूँ, जौ, दलहन, गन्ना, अदरक और तिलहन हैं।

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BrahmDevYadav 1 week 6 days ago

अरुणाचल प्रदेश का नृत्य कौन सा है?
शेर और मयूर नृत्य।

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BrahmDevYadav 1 week 6 days ago

अरुणाचल प्रदेश में कितने जिले हैं?
अरुणाचल प्रदेश में कुल 26 जिले हैं, जनसंख्या की दृष्टि से पापुम सबसे बड़ा जिला है और क्षेत्रफल की दृष्टि से दिबांग घाटी सबसे बड़ा जिला है।